अयोध्या मामले में भारत के उच्चतम न्यायालय की सुनवाई, पांच मार्च को मध्यस्थों की नियुक्ति पर फ़ैसला

अयोध्या में भूमि विवाद मामले पर उच्चतम न्यायालय की मंगलवार की सुनवाई पूरी हो गई है और अब वह इस मामले में अगले मंगलवार को सुनवाई करेगा। पांच मार्च को अदालत आदेश जारी करेगी कि केस का समय बचाने के लिए उसकी निगरानी में मध्यस्थता के लिए नियुक्ति की जाए या नहीं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस. ए. बोबड़े, न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नज़ीर की पांच सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को सुनवाई की।

ज्ञात रहे कि इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वर्ष 2010 के फ़ैसले के ख़िलाफ़ उच्चतम न्यायालय में 14 याचिकाएं दाख़िल की गई हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फ़ैसला सुनाया था कि अयोध्या में स्थित 2.77 एकड़ की विवादित भूमि तीन पक्षों सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड, निर्मोही अखाड़े और राम लला के बीच बांट दी जाए।मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने अपनी सुनवाई में कहा कि अयोध्या मामले में मंगलवार को पुनः सुनवाई की जाएगी और मामले में मध्यस्थ नियुक्त करने पर विचार किया जाएगा। न्यायालय ने कहा कि यदि एक प्रतिशत भी संभवना है तो मध्यस्थता की जानी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *