प्रतिरोध सीरियाई सफलता का मूल रहस्य हैः वरिष्ठ नेता

इस भेंट में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने सीरिया के राष्ट्रपति और जनता के प्रतिरोध और उनके आग्रह को सीरिया की सफलता और अमेरिका और उसके क्षेत्रीय घटकों की पराजय का रहस्य बताया और भविष्य में उनके षडयंत्रों से सजग व होशियार रहने पर बल दिया।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सीरिया ने इस देश के लोगों के प्रतिरोध से अमेरिका और उसके घटकों के गठबंधन को पराजित कर दिया परंतु इस सफलता का बाकी रहना और दुश्मनों के षडयंत्रों से होशियार व सजग रहना एक महत्वपूर्ण बात है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इराक और सीरिया की सीमा पर प्रभावी उपस्थिति अमेरिकी योजना का भाग है और बल देकर कहा कि ईरान और सीरिया एक दूसरे से स्ट्रैटेजिक घटक हैं इस आधार पर दुश्मन अपनी योजनाओं व षडयंत्रों को व्यवहारिक नहीं बना सकते।

सीरिया ने इस देश की जनता की सहायता से अमेरिका, इस्राईल और उनके क्षेत्रीय घटकों के सामने गम्भीर चुनौती खड़ी कर दी। यद्यपि यह कार्य बहुत कठिन था परंतु समय पर सीरिया में ईरान की उपस्थिति से दाइश का सफाया हो गया किन्तु क्षेत्र को अब भी शांति व सुरक्षा और दूसरों के हस्तक्षेप के खतरे का सामना है।

अमेरिका को अच्छी तरह पता है कि इस्लामी प्रतिरोध को विफल बनाने के लिए किसी भी बहाने से सीरिया में अपनी उपस्थिति को बनाये रखना ज़रूरी है।

बहरहाल सीरिया के राष्ट्रपति ने ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के साथ भेंट में सीरिया में धार्मिक और जातीय फूट व मतभेद फैलाने हेतु अमेरिका और उसके घटकों के षडयंत्रों की ओर संकेत किया और कहा कि इस प्रयास का उल्टा परिणाम निकला है और आज सीरिया में कुर्दों और दूसरी जातियों के सरकार से अच्छे संबंध हैं और आज अमेरिका और सऊदी अरब की इच्छा के विपरीत कुछ वे गुट भी दमिश्क सरकार के साथ हो गये हैं जिन्होंने अतीत में सीरिया की सरकार से युद्ध किया और सरकार से उनके मतभेद थे।

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