लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच कहा-सुनी

हैदराबाद : आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी में टिकट को लेकर रस्साकस्सी शुरू हो गई है। लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार तय करने के लिए मंगलवार को टीपीसीसी चुनाव कमेटी की बैठक हुई। बैठक में संयुक्त महबूबनगर जिले के नेताओं के बीच वाक् युद्ध देखने को मिला।

महबूबनगर लोकसभा सीट के लिए पार्टी की पूर्व विधायक डी.के. अरुणा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एस. जयपाल रेड्डी के नाम का प्रस्ताव रखा, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने यह कहते हुए उनके नाम के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई जयपाल रेड्डी चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है, ऐसे में उनके नाम का प्रस्ताव कैसे रख सकते हैं।

इसपर डी.के. अरुणा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेता का चुनाव नहीं लड़ेंगे तो कैसे चलेगा? पार्टी मुश्किल की घड़ी से गुजर रही है और ऐसे में राष्ट्रस्तर के नेताओं का चुनाव लड़ना ही बेहतर होगा। हालांकि अरुणा के बयान पर चिन्नारेड्डी ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया और कहा कि वरिष्ठ नेताओं के बारे में यहां जिक्र नहीं करना चाहिए, क्योंकि पिछले चुनाव में अगर वे जीते होते, तो आज मल्लिकार्जुन खड़गे की जगह रहे होते।

नागर कर्नूल लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के चयन को लेकर भी नेताओं के बीच कहासुनी देखने को मिली। डी.के. अरुणा ने इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए चंद्रशेखर, सतीश मादिगा के नामका प्रस्ताव रखा, तो संपत कुमार और वंशिकृष्णा ने मल्लू रवि के नाम का प्रस्ताव रखा।

संपत कुमार ने सतीश मादिगा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पार्टी में बेस नहीं रहने वाले नेताओं के नाम लोकसभा चुनाव के लिए कैसे ले सकते हैं। इसपर डी.के. अरूणा ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि पार्टी में किसी तरह का बेस नहीं होने के बावजूद कुछ लोगों को एआईसीसी सचिव कैसे बनाए गए हैं? जवाब में संतोष कुमार ने पूछा कि चंद्रशेखर अब पार्टी में नहीं है और पार्टी से निलंबित नेता के नाम का प्रस्ताव कैसे कर सकते हैं। इसके काउंटर में डी.के. अरुणा ने कहा कि पार्टी की सदस्यता तक नहीं रहने वालों को क्या विधायक का टिकट नहीं दिया गया था?

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