पाकिस्तान सरकार ने चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ उठाया क़दम सील कीं संपत्तियां

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार प्रतिबंधित चरमपंथी सगठनों के ख़िलाफ़ प्रभावी और भरपूर कार्यवाही के लिए सभी प्रांतों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसकी सूचना पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में दी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि सुरक्षा परिषद के 1948 के क़ानून के तहत यह क़दम उठाया गया है जिसका लक्ष्य प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले संगठनों और लोगों के ख़िलाफ़ कार्यवाही को सुनिश्चित करना है।

इस क़ानून के तहत इन संगठनों को सरकारी कंट्रोल में लेने के अलावा उनकी संपत्तियां भी सील कर दी गई हैं।

पाकिस्तान में चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ यह कार्यवाही एसे समय में की गई है जब फ़ायनैन्शियल एक्शन टास्क फ़ोर्स एफ़एटीएफ़ की ओर से पाकिस्तान पर भारी दबाव है और एफ़एटीएफ़ का कहना है कि उसने पाकिस्तान में 8 हज़ार से अधिक संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन रिकार्ड किए हैं जो एक साल पहले की तुलना में 57 प्रतिशत ज़्यादा हैं।

एफ़एटीएफ़ की ओर से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट यहां तक कि ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का ख़तरा कई साल से है और पाकिस्तान की सरकार इस वजह से काफ़ी दबाव में है।

टीकाकारों का कहना है कि सरकार दबाव में क़दम उठाती ज़रूर है लेकिन सच्चाई यह है कि इस प्रकार की कार्यवाहियां कई साल से होती आ रही हैं और चरमपंथी संगठन अब किसी भी तरह क़ाबू में नहीं आ रहे हैं।

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