आईटी ग्रिड्स डेटा चोरी मामले को लेकर नेल्लूर जिले में मचा हड़कंप, जानें पूरी खबर

नेल्लोर : आंध्र प्रदेश लोगों का डेटा चोरी मामले से नेल्लूर जिले में हड़कंप मचा है। क्योंकि आईटी ग्रिड्स इंडिया प्रा लि के निदेशक डाकवरम अशोक इसी जिले के अल्लूर निवासी है।

पता चला है कि टीडीपी के एमएलसी बीदा रविचंद्र ब्रदर्स के अशोक बहुत करीबी माने जाते है। रविचंद्र के सहयोग से ही अशोक का मंत्री लोकेश से परिचय हो गया। इसी क्रम में टीडीपी के लिए ही अशोक ने आईटी ग्रिड्स की स्थापना की। हैदराबाद में काम कर रही इस कंपनी ने सत्तापक्ष के लिए ‘सेवामित्र’ ऐप को तैयार किया था। पता चला है कि इसके लिए विशाखापट्टनम स्थित ब्लू फ्राग मोबाइल टेक्नॉलॉजीस संस्था ने आवश्यक जानकारी दी।

इसी क्रम में फरार अशोक के लिए साइबराबाद क्राइम पुलिस तलाश तेज कर दी है। इसके लिए चार विशेष पुलिस दल को गठित किया है। पुलिस ने डेटा चारी का मामला दर्ज करके अशोख खिलाफ सीआरपी की धारा 161 के तहत नोटिस जारी किया है। मगर अशोक अब पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुआ।

एक और मामला दर्ज…
दूसरी ओर आईटी ग्रिड्स के खिलाफ हैदराबाद के एसआर नगर थाने में एक और मामला दर्ज हुआ है। यह मामला समाजसेवी दशरथरामी रेड्डी ने प्रदेश के लोगों की जानकारी चोरी किये जाने आरोप लगाते हुए अशोक खिलाफ शिकायत दर्ज किया है। पुलिस दर्ज शिकायत के आधार पर अशोक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 419, 467, 468 और 120 के तहत मामला दर्ज किया है। वेस्टजोन टास्कफोर्स पुलिस इस मामले के संबंध में लोगों से पूछताछ कर रही है।
उधर तेलंगाना में साइबराबाद पुलिस आयुक्त सज्जनार ने कहा कि आईटी ग्रिड्स घोटाला मामले महत्वपूर्ण सबूत मिले है। सज्जनार ने सोमवार को मीडिया से यह बात कही।

उन्होंने आगे बताया कि एक सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश्वर रेड्डी की शिकायत पर आईटी ग्रिड्स में छापा मारा गया। कर्मचारियों के सामने ही खोजबीन की गई है। संस्था के कर्मचारी विक्रम गौड़, चंद्रशेखर, फणि कुमार और भास्कर के सामने ही सबूत एकट्ठा किये गये हैं। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सीज किया गया है। साथ ही इस डिवाइस को फोरेन्सिक लैब को भेज दिया गया है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि आईबॉल, डेटा कंप्यूटर, लैपटॉप, डेल सीपीयू, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री को बरामद किया गया है। एंक्याब सीरीज इलेक्ट्रॉनिक को भी सीज किया है। उन्होंने बताया कि सेवामित्र ऐप के जरिए निजी समाचार को संग्रहित किया गया है। इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी छापे के दौरान बरामद की हुई है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया है कि आईटी ग्रिड्स डेटा को अमेजन सर्विस में संग्रहित किया गया है।

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