दाइश की हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इराक़ के शिया संगठन नोजबा पर अमरीका ने क्यों लगाया प्रतिबंध???

तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के ख़िलाफ़ युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले एक इराक़ी स्वयं सेवी संगठन नोजबा को अमरीका ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है।
नोजबा ने इराक़ के अधिकांश भाग पर क़ब्ज़ा करने वाले आतंकवादी गुट दाइश को 2017 में पराजित करने और क़ब्ज़े वाले इलाक़ों को आज़ाद कराने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

मंगलवार को अमरीका ने शिया मुसलमानों के इस संगठन को काली सूचि में डालते हुए संगठन के नेता अकरम अल-काबी पर भी प्रतिबंध लगा दिए।

वाशिंगटन ने दावा किया है कि नोजबा संगठन और उसके नेता पर भविष्य में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

अमरीका, इराक़ और लेबनान के प्रतिरोधी संगठनों को केवल इसलिए निशाना बनाता रहा है, क्योंकि वे अमरीका प्रायोजित दाइश जैसे आतंकवादी गुटों को सफल नहीं होने दे रहे हैं।

अमरीका ने इस्राईल को सुरक्षा प्रदान करने और मध्यपूर्व के ऊर्जा स्रोतों पर क़ब्ज़ा बनाए रखने के लिए आतंकवादी गुटों पर भारी निवेश किया है, इसलिए इन गुटों को बचाने के लिए वह हर प्रयास करता है।

अमरीका के दबाव या अपने साम्राज्यवादी हितों के सुरक्षित रखने के लिए कुछ यूरोपीय देश भी उसका अनुसरण करते हुए हिज़्बुल्लाह जैसे प्रतिरोधी व राजनीतिक संगठनों को प्रतिबंधित करते रहे हैं।

2008 में भी अमरीकी वित्त मंत्रालय ने इराक़ की शांति व सुरक्षा को ख़तरे में डालने के लिए अल-काबी पर प्रतिबंध लगा दिया था।

ग़ौरतलब है कि नुजबा हश्दुश्शाबी स्वयं सेवी बलों में शामिल इराक़ का एक शक्तिशाली प्रतिरोधी संगठन है, जिसके क़रीब 10,000 लड़ाकों ने दाइश के ख़ूंख़ार आतंकवादियों के दांत खट्टे कर दिए थे।

हालांकि इराक़ी सरकार ने हश्दुश्शाबी को देश के सशस्त्र बलों के एक भाग के रूप में स्वीकार कर लिया है और वह उन्हें बजट और पद भी प्रदान करती है।

अमरीका ने ताज़ा प्रतिबंध ऐसे वक़्त में लगाया है, जब इराक़ में अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने के लिए सरकार पर जनता और स्वयं सेवी बलों का दबाव बढ़ता जा रहा है।

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