सऊदी नरेश को किस बात का है डर? मिस्र यात्रा पर जाने के बाद अचानक क्यों बदल दी अपनी सुरक्षा टीम?

यह मतभेद सऊदी नरेश की हालिया मिस्र यात्रा में बहुत खुलकर सामने आए और किंग सलमान की अनुपस्थिति में मुहम्मद बिन सलमान ने जो फ़ैसले किए उनसे इन मतभेदों की पुष्टि होती है।

गार्डियन ने जानकार सूत्रों के हवाले से कहा है कि सऊदी नरेश के क़रीबी सलाहकारों ने उन्हें सचेत किया कि फ़रवरी महीने में जिस समय वह मिस्र में शिखर बैठक में उपस्थित होंगे उस समय उनकी सत्ता के ख़िलाफ़ कोई बड़ी कार्यवाही हो सकती है अतः सऊदी नरेश ने अपनी रक्षा के लिए सऊदी अरब के विशेष टीक बुलवाई थी।

जिस समय सऊदी नरेश मिस्र के लिए रवाना हो रहे थे उस समय बिन सलमान ने उन्हें विदा करते समय उनके हाथ और पांव चूमे थे और यह संदेश देने की कोशिश की थी कि पिता से बिन सलमान का किसी तरह का मतभेद नहीं है और वह उनके जीवन में सत्ता हथियाने की कोशिश नहीं करेंगे मगर यह भी तथ्य है कि जब बिन सलमान ने मुहम्मद बिन नाएफ़ से क्राउन प्रिंस का पद हथिया लिया था तो उनके भी पांच चूमे थे अतः इस प्रकार के संस्कारों से बिन सलमान की योजनाओं के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

किंग सलमान ने मिस्र में रहते हुए सऊदी अरब से अलग सुरक्षा टीम बुलवाई थी जिसमें गृह मंत्रालय की ओर से चुने गए 30 गार्ड रखे गए थे। इस टीम ने शरमुश्शैख़ पहुंचकर उस टीम का स्थान लिया जो सऊदी किंग की सुरक्षा पर तैनात थी। यह क़दम इसलिए उठाया गया था कि पहले जो टीम किंग सलमान के साथ मिस्र गई थी उसमें शामिल कुछ सदस्यों के बारे में यह शंका थी कि वह बिन सलमान के क़रीबी लोगों में हो सकते हैं। किंग सलमान के सलाहकारों ने उन सुरक्षाकर्मियों को भी लौटा दिया था जो मिस्र की सरकार की ओर से भेजे गए थे।

गार्डियन का कहना है कि जब सऊदी नरेश मिस्र की यात्रा पूरी करके रियाज़ लौटे तो उनके स्वागत के लिए आने वाले अधिकारियों में कहीं भी बिन सलमान नज़र नहीं आए और जिस समय किंग सलमान मिस्र की यात्रा पर थे मुहम्मद बिन सलमान ने दो बड़े फ़ैसले किए एक तो उनहोंने रीमा बिन बंदर बिन सुलतान को अमरीका में सऊदी अरब की राजदूत नियुक्त किया और दूसरे फ़ैसले में उन्होंने अपने भाई तथा अमरीका में निवर्तमान राजदूत ख़ालिद बिन सलमान को उप रक्षा मंत्री नियुक्त किया। जानकार सूत्र का कहना है कि किंग सलमान को इन दोनों फ़ैसलों की पहले से जानकारी नहीं थी, इसकी सूचना उन्हें और उनके सलाहकारों को टीवी से मिली जिस पर किंग सलमान को बहुत ग़ुस्सा आया कि ख़ालिद बिन सलमान को इतनी जल्दी उप रक्षा मंत्री क्यों बना दिय गया है?

सलाहकारों ने किंग सलमान को सुझाव दिया है कि वह सत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण फ़ैसलों में अधिक हस्तक्षेप करें। यमन युद्ध के बारे में भी बिन सलमान और उनके पिता के बीच गहरा मतभेद बताया जाता है।

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