आईटी ग्रिड्स डाटा घोटाला मामले में महत्वपूर्ण सुराग

हैदराबाद : स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (सिट) के प्रमुख स्टीफन रवींद्र ने कहा कि दोनों तेलुगु भाषी राज्यों में तहलका मचा चुकी आईटी ग्रिड्स डाटा घोटाला मामले में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। स्टीफन ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों का डाटा भी आईडी ग्रिड्स के पास मिलाा है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है। डाटा चोरी मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एक प्रश्न के उत्तर में स्टीफन ने कहा कि आईटी ग्रिड्स के प्रमुख अशोक अमरावती में रहे या अमेरिका में रहे बख्शा नहीं जाएगा। कानून के सामने सभी समान है। दोषी चाहे कोई भी हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इस मामले में अनेक आरोप और प्रत्यारोप आ रहे है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस मामले की गहन जांच की जाएगी।

स्टीफन ने आगे कहा कि आईटी ग्रिड्स, ब्लू फ्रॉग मोबाइल टेक्नॉलॉजी के अलावा अन्य कोई संस्था इस मामले में शामिल होने के संदेह पर भी जांच की जाएगी। तेलंगाना का डाटा भी इसमें शामिल होने के कारण हमें अनेक संदेह उत्पन्न हो रहे है। सिट के नौ अधिकारी मामले की जांच में जुट गए है। उन्होंने मीडिया आग्रह किया है कि वो इस मामले को लेकर संयम बरतें।

सिट प्रमुख ने सवाल किया कि आटी ग्रिड्स के पास लोगों का निजी समाचार कैसे आया है? गोपनीय डाटा प्राइवेट संस्था के पास कैसे आया है? तेलंगाना लोगों का डाटा से किसे लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है? जैसे अनेक सवालों की गहन जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सेवा मित्र ऐप में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ मतदाताओं के नाम है। एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आईटी ग्रिड्स के सीईओ अशोक कहां पर इसका पता नहीं चला है। उसे पकड़ने की मुहीम तेज कर दी है। इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत और सुराग मिले है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि डाटा चोरी मामले की निर्वाचन आयोग से शिकायत किये जाने के बाद सेवा मित्र में दर्ज कुछ ऐप को निकाल दिये गये हैं। इस मामले से जुड़ी जानकारी को हर दिन मीडिया को दी जाएगी।

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