प्रतिरोध का मोर्चा, ईरान की इस्लामी क्रांति के विस्तार का परिचायकः काज़िम सिद्दीक़ी

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान ने इस्लामी क्रांति का विस्तार किया है कहा कि प्रतिरोध के मोर्चे में क्रांति का विस्तार, सीमाओं को तोड़ना और लक्ष्य तक पहुंचना सबकुछ शामिल है।

उन्होंने जुमे के ख़ुत्बे में इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि समय गुज़रने के साथ ही संसार की अन्य क्रांतियों के नारे बदल गए किंतु ईरान की इस्लामी क्रांति आज भी अपने आरंभिक नारों के साथ आगे बढ़ रही है।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन काज़िम सिद्दीक़ी ने इसी प्रकार ईरान पर किये जा रहे सांस्कृतिक आक्रमण की ओर संकेत करते हुए स्पष्ट किया कि इसका मुक़ाबला करने के लिए धार्मिक शिक्षा केन्द्रों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई की ओर से क्रांति के दूसरे क़दम शीर्षक के अन्तर्गत दिये गए बयान की ओर संकेत करते हुए कहा कि उनका यह बयान, ईरान की इस्लामी क्रांति के लिए एक नया मोड़ होगा।

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