इराक़ की हिकमा पार्टी के प्रमुख ने रियाज़ यात्रा के सऊदी सरकार के निमंत्रण को रद्द करते हुए रखी यह शर्त…

इराक़ के एक विरष्ठ अधिकारी का कहना है कि सऊदी सरकार इससे पहले भी 6 बार हकीम को रियाज़ यात्रा के लिए आमंत्रित कर चुकी है, लेकिन हर बार उन्होंने सऊदी दरख़्वासत को रद्द कर दिया।

अपना नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर इराक़ के इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भविष्य में अगर अम्मार हकीम की सऊदी अरब की कोई यात्रा होगी भी तो वह सशर्त होगी।

वास्तव में इराक़ के इस वरिष्ठ नेता ने अब तक सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा के जितने भी प्रस्ताव रद्द किए हैं, उसका मुख्य कारण सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देश बहरैन में शिया मुसलमानों के साथ बड़े पैमाने पर भेदभाव किया जाना है।

सूत्र के अनुसार, अम्मार हकीम ने रियाज़ के सामने सऊदी अरब की यात्रा के लिए एक शर्त यह भी रखी है कि सऊदी शिया मुसलमानों के ऊपर सरकार की ओर ले लगे इराक़ की यात्रा के प्रतिबंध को हटाया जाए।

ग़ौरतलब है कि इराक़ अरब जगत का ऐसा देश है, जहां हज़रत अली और इमाम हुसैन के अलावा अन्य कई पवित्र हस्तियों के मज़ार हैं, जहां दुनिया भर के मुसलमान विशेष रूप से शिया मुसलमान ज़ियारत के लिए जाते हैं।

इराक़ के धर्मगुरु व नेता ने सऊदी अरब की यात्रा के लिए एक अन्य शर्त यह रखी है कि रियाज़ में उनकी मुलाक़ात बहरैनी शासक से भी करवायी जाए, ताकि बहरैनी जनता की वर्तमान समस्याओं का कोई समाधान निकाला जा सके।

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