समझौता एक्सप्रेस धमाका, अदालत का फ़ैसला सुरक्षित

11 साल के बाद सोमवार को इस मुक़द्दमे का फ़ैसला पंजकुला में सुरक्षित किया गया है जहां 4 अरोपियों के विरुद्ध सुनवाई के दौरान अपने बयान से मुकर चुके हैं।

लाहौर और दिल्ली के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फ़रवरी 2007 में हरियाणा के पानीपत के स्थान पर धमाका हुआ था जिसमें 43 पाकिस्तान और 10 भारतीय नागरिक सहित धमाके में कुल मिलाकर 68 लोग मारे गये थे जबकि 15 लोगों की पहचान नहीं हो सकी थी, मरने वालों में 64 यात्री थे जबकि 4 का संबंध रेलवे से था।

भारत की नेश्नल इन्वीस्टीगेश्न एजेन्सी के अनुसार आतंकवादी हमले में 10 पाकिस्तानियों सहित 10 लोग घायल भी हुए थे जबकि धमाके के बाद लगने वाली आग के परिणाम में ट्रेन के कई डिब्बे जलकर राख हो गये।

भारतीय जांच एजेन्सी ने अपनी रिपोर्ट में इसे भारत की अखंडता, सुरक्षा और स्वाधीनता और एकता को निशाना बनाने की व्यवस्थित कार्यवाही क़रार दिया था।

आरंभिक जाच में पता चतला कि रात 11 बजकर 53 मिनट पर पानीपत के दिवाना रेलवे स्टेशन से निकलने वाली ट्रेन की छो बोगियों में विस्फोट और ज्वलनशील पदार्थ से आग लग गयी।

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