हर किसी की जांच हो चाहे वह वाड्रा हों या मोदी: राहुल गांधी

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को तमिलनाडु के चेन्नई में “स्टेला मेरिस कॉलेज” की छात्राओं से बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान एक छात्रा ने उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के संबंध में प्रश्न पूछा कि, “आप अपने जीजा रॉबर्ट वाड्रा के ख़िलाफ़ हो रही जांच के बारे में क्या कहते हैं?” राहुल गांधी ने इस सवाल के उत्तर में कहा कि उनका मानना है कि जांच सबकी होनी चाहिए चाहे वह वॉड्रा हों या देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो। उन्होंने कहा कि मैं जांच का विरोध नहीं हूं, मैं पक्षपात का विरोधी हूं, मैं कहता हूं कि जिस तरह वॉड्रा की जांच हो रही है वैसे ही राफ़ेल मामले में मोदी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री का नाम सरकारी दस्तावेजों पर है जो कहता है कि वे राफ़ेल मामले में फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट के साथ समानांतर मध्यस्थता कर रहे थे, हर किसी की जांच करिए चाहे वह वाड्रा हों या प्रधानमंत्री।’

चेन्नई के “स्टेला मेरिस कॉलेज” की छात्राओं से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि, ‘आप में से कितने लोगों को मौक़ा मिला कि मोदी से पूछ सकें कि प्रधानमंत्री जी आप शिक्षा के बारे में क्या सोचते हैं आप इसके बारे में क्या सोचते हैं आप उसके बारे में क्या सोचते हैं आख़िर प्रधानमंत्री 3000 महिलाओं के सामने खड़ा होने और उनके सवालों का सामना करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाते हैं।’ राहुल गांधी ने कहा, ‘मौजूदा दौर में देश में एक वैचारिक लड़ाई चल रही है, यह साफ़ तौरपर दो विचारधाराओं में बंट गई है, एक विचारधारा एकजुट करने वाली है जो कहती है कि देश के लोगों को एक साथ रहना चाहिए और उस पर एक विचारधारा को थोपा नहीं जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘वहीं दूसरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व मौजूदा सरकार और भारत के प्रधानमंत्री कर रहे हैं जहां वे विश्वास करते हैं कि हमारे देश पर एक विचारधारा को थोप दिया जाना चाहिए, समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में उनका एक ख़ास नज़रिया है।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे सभी संस्थानों को विचारों की आज़ादी होनी चाहिए, हमें किसी भी सोच को आंख बंद करके स्वीकार नहीं करना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, ‘महिलाओं के साथ व्यवहार के मामले में दक्षिण भारत, उत्तर भारत से कहीं अच्छा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु उन राज्यों में से एक है जो कि महिलाओं के साथ व्यवहार करने के मामले में उदाहरण पेश करता है, हालांकि, तमिलनाडु में भी काफी सुधार की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने कहा, ‘महिलाओं को पुरुषों के बराबर होना चाहिए, सच कहूं तो मुझे शीर्ष स्तर पर पर्याप्त संख्या में महिलाएं नहीं दिखतीं, हम संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने जा रहे हैं और हम महिलाओं के लिए 33% सरकारी नौकरियां आरक्षित करने जा रहे हैं।’

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