इराक़ और सीरिया ने किया संयुक्त सीमा पर कॉरिडोरों को फिर से खोलने का फ़ैसला

इराक़-सीरिया संयुक्त सीमा के दोनों ओर अलबूकमाल और क़ायम कॉरिडोर हैं, सीरिया के दैरुज्ज़ोर प्रांत में अलबूकमाल कॉरिडोर स्थित है, जबकि इराक़ के अल-अंबार प्रांत में क़ायम कॉरिडोर स्थित है। दोनों ही कॉरिडोरों पर आतंकवादियों का क़ब्ज़ा था। 2012 में सीरिया में दाइश के क़ब्ज़े में आने वाले प्रारम्भिक इलाक़ों में से एक अलबूकमाल का इलाक़ा भी था। 2014 में दाइश ने क़ायम कॉरिडोर को इराक़ के एक बड़े इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने के लिए इस्तेमाल किया था। लेकिन सीरियाई सेना और स्वयं सेवी बलों ने अक्तूबर 2017 में अलबूकमाल पास को आतंकवादियों के क़ब्ज़े से आज़ाद करा लिया, इसी प्रकार नवम्बर में इसी साल इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बलों ने क़ायम पास को भी आज़ाद करा लिया।

अब जबकि यह दोनों महत्वपूर्ण कॉरिडोर आतंकवादियों के क़ब्ज़े से पूरी तरह आज़ाद हैं, दोनों देशों की सरकारों का इन्हें खोलने का फ़ैसला रणनीतिक रूप से काफ़ी महत्व रखता है। इसके महत्व की पहली दलील यह है कि अलबूकमाल और क़ायम कॉरिडोरों के ख़ुलने से तेहरान-बग़दाद-दमिश्क़ के बीच सीधा रोड संपर्क स्थापित हो जाएगा, जो इस्लामी प्रतिरोध के विरोधी मोर्चे के लिए एक बड़ी रणनीतिक हार है। अमरीका के नेतृत्व में इस्लामी प्रतिरोध के विरोधी मोर्चे ने काफ़ी प्रयास किया था कि तेहरान-बग़दाद-दमिश्क़ के बीच सीधा ज़मीनी संपर्क स्थापित न हो सके। अपने इस प्रयास में पूर्ण रूप से विफल होने के बाद ही अमरीका ने आईआरजीसी के ख़िलाफ़ एक ख़तरनाक क़दम उठाते हुए उसे आतंकवादी संगठनों की सूची में डालने की घोषणा कर दी।

इन कॉरिडोरों के ख़ुलने का दूसरा महत्व, इन्हें प्रतिरोधी शक्तियों द्वारा सुरक्षा प्रदान करना है।

इसके अलावा, यह कॉरिडोर आर्थिक एवं व्यापारिक रूप से भी काफ़ी महत्वपूर्ण हैं। अमरीका इन कॉरिडोरों को अपने क़ब्ज़े में रखना चाहता था, ताकि सीरिया, इराक़ और ईरान के बीच हमेशा क लिए एक रुकावट बन सके और इराक़ और सीरिया के विभाजन की अपनी साज़िश को पूरा कर सके। लेकिन प्रतिरोधी शक्तियों ने अमरीका के इस सपने को चकनाचूर कर दिया है।

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