अयोध्या में पूजा की मांग करने वालों का सुप्रीम कोर्ट की फटकार, मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “आप इस देश में शांति नहीं रहने देंगे”

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अयोध्या में ‘67.7 एकड़ भूमि के अविवादित भाग’ पर पूजा करने की अनुमति देने की याचिका ख़ारिज कर दी। अंग्रेज़ी भाषा के समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सर्वोच्च अदालत ने याचिका ख़ारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ताओं से कहा, ‘आप इस देश में शांति नहीं रहने देंगे, हमेशा ही कुछ न कुछ होता रहेगा।’ शीर्ष न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा याचिकाकर्ताओं पर लगाए गए पांच लाख रुपये के जुर्माने के फ़ैसले को भी पलटने से इनकार कर दिया।

इससे पहले भी इसी तरह की एक याचिका को ख़ारिज करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक अन्य याचिकाकर्ता पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, जिन्होंने विवादित स्थल पर नमाज़ अदा करने की मांग की थी। इसी वर्ष फ़रवरी में, एक अलग याचिका में, वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भारत की सर्वोच्च अदालत में विवादित राम मंदिर स्थल पर पूजा करने के अपने मौलिक अधिकार को लागू करने की मांग की थी।

उल्लेखनीय है कि भारत की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता पैनल को सौंप दिया है। उच्चतम न्यायालय के रिटायर्ड जज एफएम ख़लीफ़ुल्ला मामले में मध्यस्थता करने वाले पैनल के मुखिया हैं। तीन सदस्यीय इस समिति में श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्री राम पंचू भी शामिल हैं।

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