भारतीय वायुसेना का दावा, राफ़ेल होते तो कुछ और ही परिणाम होता

उन्होंने भविष्य की एयरोस्पेस शक्ति और प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बालाकोट अभियान में, हमारे पास प्रौद्योगिकी थी और हम बड़ी सटीकता के साथ हथियारों का इस्तेमाल कर सके। बाद में हम बेहतर हुए है क्योंकि हमने अपने मिग-21, बिसॉन और मिराज-2000 विमानों को उन्नत बनाया था।

उनका कहना था कि यदि हमने समय पर राफ़ेल विमान को शामिल कर लिया होता तो परिणाम हमारे पक्ष में और अधिक हो जाते।

इससे पहले भी वायुसेना प्रमुख राफेल की अहमियत पर अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। भारतीय एयर चीफ मार्शल बीरेन्द्र सिंह धनोआ ने पिछले साल 19 दिसंबर को राफेल से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘कौन कहता है कि हमें राफेल की ज़रूरत नहीं है? सरकार कहती है कि हमें राफेल की जरूरत है, हम कहते हैं कि हमें राफेल की जरूरत है, सुप्रीम कोर्ट ने भी अच्छा फैसला दिया है, हमें इस प्रक्रिया में काफ़ी देरी पहले ही हो चुकी है, हमारे प्रतिद्वंदी अपना सिस्टम पहले ही अपग्रेड कर चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *