कोलकाता में डाक्टरों की लगातार पांचवे दिन भी हड़ताल जारी रही

इन डाक्टरों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी की सचिवालय में वार्ता की पेशकश को ठुकरा दिया और इसे आंदोलन को ख़त्म करने की साज़िश बताया। सरकारी अस्पतालों में अपने लिए सुरक्षा की मांग को लेकर डाक्टरों की सांकेतिक हड़ताल देश के कई भाग में फैल गयी है।

एनआरएस अस्पताल में इस हफ़्ते कथित रूप से लापरवाही के इल्ज़ाम में 2 जूनियर डाक्टरों की बेरहमी से पिटाई के ख़िलाफ़ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, कोलकाता के सरकारी अस्पतालों के अब तक 300 डाक्टर इस्तीफ़ा दे चुके हैं।

हड़ताली डाक्टरों ने अपने आंदोलन के विरुद्ध ममता बैनर्जी से अपने वक्तव्य पर माफ़ी मांगने और अपने सहकर्मियों को पीटने वालों के ख़िलाफ़ कार्यवाही सहित 6 शर्तें रखी हैं।

जूनियर डाक्टरों के संयुक्त फ़ोरम ने कहा है कि अगर मुख्य मंत्री वार्ता करना चाहती हैं तो एनआरएस कॉलेज अस्पताल में आएं।

बताया जाता है कि ममता बैनर्जी ने सीनियर डाक्टरों से जो इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं, 2 घंटे तक बातचीत की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *