शाह ने दिया जम्मू व कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव

भारत की लोकसभा में अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू व कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। उन्होंने इस राज्य में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। लोकसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस साल के अंत तक राज्य में चुनाव संभव हैं। गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कारणों से अभी जम्मू व कश्मीर में चुनाव नहीं कराए जा सकते लेकिन उम्मीद है कि अगले 6 महीने में आयोग वहां चुनाव कराएगा।

जम्मू व कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। मनीश तिवारी का कहना था कि जम्मू व कश्मीर में जबसे बीजेपी और पीडीपी की सरकार बनी है तबसे वहां के हालात खराब होते चले गए। मनीष तिवारी ने कहा कि जम्मू व कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है अगर दलगत राजनीति से उठकर वहां पर काम किया जाए तो एक बड़ा काम हो सकता है। मनीष ने कहा कि हम राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करते है।

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