ईरान का अगला क़दम 20 प्रतिशत या उससे भी अधिक यूरेनियम का संवर्धन, रूस और चीन ने ट्रम्प को कोसा

ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता बहरूज़ कमालवंदी ने सोमवार को कहा था कि तेहरान ने 2015 के परमाणु समझौते में निर्धारित की गई सीमा 3.67 प्रतिशत को पार कर लिया है और अब वह 4.5 प्रतिशत के स्तर पर यूरेनियम संवर्धन कर रहा है।

ईरान ने यह क़दम अमरीका के परमाणु समझौते से निकल जाने और समझौते में शामिल यूरोपीय देशों के अपने वादों पर अमल नहीं करने के जवाब में उठाया है।

कमालवंदी ने कहा, अभी 20 प्रतिशत की ज़रूरत नहीं है, लेकिन जब हम चाहेंगे, हम इसे अंजाम देंगे, हमने 3.67 की सीमा को पार कर लिया है, इस प्रक्रिया में हमारे सामने किसी तरह की कोई रुकावट नहीं है।

उन्होंने कहा, ऊंचे स्तर पर संवर्धन के विकल्प के बारे में उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ विचार विमर्श किया गया है।

कमालवंदी ने कहा, तेहरान के पास 20 प्रतिशत और उससे भी उच्च स्तर के संवर्धन का विकल्प है, लेकिन हर क़दम उचित समय पर उठाया जाएगा।

कमालवंदी ने कहा, परमाणु समझौते के तहत किए गए वादों में कमी के तीसरे क़दम के तौर पर ईरान सेंट्रीफ़्यूजों में वृद्धि करेगा और आईआर-2 और आईआर-2एम को पुनः शुरू करना भी एक विकल्प है।

ईरान की इस घोषणा ने अमरीका और उसके सहयोगियों को जहां हिलाकर रख दिया है, वहीं चीन और रूस ने जनम लेने वाले नए संकट के लिए अमरीका और यूरोपीय देशों को ज़िम्मेदार ठहराया है।

मास्को ने एक बयान जारी करके कहा है कि परमाणु समझौतो से वाशिंगटन के लिए निकलने के परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

हालांकि ईरान के इस क़दम पर अमरीकी राष्ट्रपति ने डोनल्ड ट्रम्प ने तेहरान को धमकी देते हुए कहा है कि बेहतर होगा तेहरान अधिक होशियार रहे।

ट्रम्प से जब ईरान के इस क़दम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, बेहतर है ईरान होशियार रहे, इसलिए कि आप एक ही कारण से संवर्धन कर रहे हैं, और मैं आपसे नहीं कहूंगा को वह क्या कारण है, लेकिन यह अच्छा नहीं है।

अमरीकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वाशिंगटन की क्या प्रतिक्रिया है, लेकिन पत्रकारों से उन्होंने इतना कहा, तेहरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।

हालांकि ईरान ने हमेशा से ही यह कहा है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करना चाहता है। ईरानी सरकार ने आधिकारिक रूप से वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई के उस फ़तवे का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने सामूहिक विनाश के हथियारों विशेष रूप से परमाणु हथियारों के उत्पादन, उनके संग्रह और इस्तेमाल को हराम या प्रतिबंधित क़रार दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *