फिर गरमाया ख़ाशुक़्जी हत्या मामला, तुर्की को अमरीका की चुप्पी समझ में नहीं आ रही है

इस हवाले से उन्होंने कहा कि मुझे अमरीका की चुप्पी समझ में नहीं आ रही है, इस सबंध में हम सब कुछ साफ़ व पारदर्शी चाहते हैं क्योंकि जहां दंगा है वहां हत्या है।

तुर्की के सरकारी मीडिया टीआरटी टेलीवीजन पर एक साक्षात्कार में तुर्क राष्ट्रपति ने कहा कि जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या कोई आम काम नहीं है।

सऊदी पत्रकार ख़ाशुक़जी को 2 अक्तूबर 2018 को इस्तांबुल स्थित सऊदी कांसूलेट में बहुत ही निर्मम तरीक़े से क़त्ल कर दिया गया था। तुर्क सरकार और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए का कहना है कि उनके पास इस बात के पुख़्ता सुबूत हैं कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश दिया था।

विश्व समुदाय के भारी दबाव के बाद सऊदी शासन ने 22 लोगों को ख़ाशुक़जी की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है। निःसंदेह यह लोग इस जघन्य अपराध में शामिल रहे होंगे, लेकिन यह अदालती कार्यवाही मुख्य आरोपी मोहम्मद बिन सलमान को बचाने और सऊदी अरब से विश्व समुदाय के दबाव को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।

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