सऊदी वहाबी आतंकी का दिल दहला देने वाला अपराध

सऊदी अरब के एक वहाबी आतंकी ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) की ज़ियारत को जाने वाली एक सात वर्षीय मासूम बच्चे को उसकी मां की आंखों के सामने मौत के घाट उतार दिया।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, 7 वर्षीय मासूम “ज़कर्रिया बद्र अली अलजाबिर” अपनी मां के साथ पैग़म्बरे इस्लाम (स) के रौज़े की ज़ियारत करने के उद्देश्य से पूर्वी सऊदी अरब के अलएहसा नामक इलाक़े से पवित्र मदीना आई थी। जिस समय ज़कर्रिया की मां अपनी मासूम बेटे को लेकर एक टैक्सी में सवार हुई और टैक्सी में बैठने के बाद पैग़म्बरे इस्लाम (स) और उनके परिजनों पर “सलवात” अर्थात एक तरह का धार्मिक मंत्र पढ़ने लगी तो उसको सुनकर टैक्सी ड्राइवर ने पूछा कि तुम्हारा मुसलमानों में किस मत से संबंध है? सलवात सनने के बाद टैक्सी ड्राइवर का रवैया अचानक से बदल चुका था और उसने ग़ुस्से से पूछा क्या तुम शिया हो?

ज़कर्रिया की मां टैक्सी ड्राइवर के ग़ुस्से को पहले तो नहीं भांप पाई और समझी कि शायद यह किसी और वजह से सवाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि हां हम शिया मुसलमान हैं। ज़किर्रिया की मां ने जैसे ही कहा कि हम शिया हैं, देखते ही देखते टैक्सी ड्राइवर का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने अपनी गाड़ी एक दुकान के सामने रोकी और दुकान से शीशे की बोतल ख़रीदी, ड्राइवर ने बोतल तोड़ते ही टैक्सी में बैठे सात वर्षीय ज़कर्रिया को अपनी ओर ख़ींचा और उसकी मां की आंखों के सामने ही उस मासूम का गला रेत कर बहुत ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

यह क्रूरतापूर्वक और दिल दहलाने वाली घटना पवित्र मदीना के हल्लुत्तलाल नामक इलाक़े में घटित हुई। इस ख़ौफ़नाक घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टैक्सी ड्राइवर ने यह सब इतनी तेज़ी से अंजाम दिया कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ ड्राइवर लगातार शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ आग उगल रहा था। इस बीच ज़कर्रिया की मां जो पहले से ही दिल की बीमारी से ग्रस्त हैं जब उन्होंने इस घटना को देखा तो वह बेहोश होकर गिर गईं और कोमा में चली गईं। ज़कर्रिया के नाना ने एक स्थानीय समाचार पत्र से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी बेटी जद्दा में काम करती है और पैग़म्बरे इस्लाम की बेटी हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की शहादत के मौक़े पर पवित्र मदीना जा रही थी।

ज़करिया की हत्या इस्लामी जगत के लिए अफ़सोस करने का समय है मगर सऊदी अरब की राजशाही एवं तानाशाही सरकार कदापि अपने देश के अल्पसंख्यक शिया समुदाय के प्रति कोई उदारता नहीं दिखाने वाली क्यों की पूरी दुनिया मै फैलाई गई वहाबी विचारधारा कभी शिया समुदाय के प्रति उदारता को बर्दाश्त न कर सकेगी। वैसे भी ज़कर्रिया की हत्या को दुनिया का माडिया क्यों कवरेज देने लगा क्योंकि न उससे राजनीतिक रोटियां सिकेंगी और न ही पैसे मिलेंगे। जबकि सच्चाई यही है कि दुनिया आज जिस आतंकवाद से परेशान है उस आतंकवाद की जड़ यह वहाबी तकफ़ीरी विचाधारा है।

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