हथियारों और मानवाधिकारों के संबंध में पश्चिम की दोहरी नीतियों की आलोचना

रविवार को म्यूनिख़ सुरक्षा सम्मेलन के इतर पत्रकारों से बात करते हुए ईरान के मिसाइस कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंधों की फ़्रांस की धमकी के बारे में पूछे जाने पर मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा, ईरान-इराक़ युद्ध के दौरान, फ़्रांसीसी युद्धक विमानों, जर्मन रासायनिक शस्त्रों, ब्रिटिश टैंकों और अमरीकी हथियारों से ईरान पर हमले किए जाते थे और किसी भी देश ने ईरान को रक्षा के लिए कोई हथियार नहीं दिया।

उन्होंने कहा, आज भी कोई देश ईरान को एक भी युद्धक विमान नहीं बेच रहा है, तो ऐसी स्थिति में ईरान किस तरह से अपनी रक्षा करेगा।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2231 प्रस्ताव के बारे में ज़रीफ़ का कहना था कि इसका ईरान के मिसाइल कार्यक्रम से कोई लेना देना नहीं है, इसका संबंध ऐसे मिसाइलों से हो सकता है जो परमाणु वारहेड ले जा सकें, लेकिन ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं है।

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