मुहम्मद बिन सलमान का पाकिस्तान दौरा, पड़ोसियों को चालों से होशियार रहना चाहिएः ईरान

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी जनता और सरकार के धैर्य की भी सीमा है और यूरोप को समय गंवाते हुए ईरान से अपनी इच्छाओं की पूर्ति का प्रयास नहीं करना चाहिए।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने साप्ताहिक प्रेस कांफ़्रेंस में में यूरोप द्वारा ईरान से लेनदेन के बारे में बनाए गये विशेष चैनल इन्सटैक्स के बारे में कहा कि यूरोप की ओर से जो पेश किया गया वह एक राजनैतिक इरादा था जो अभी तक सफल नहीं हो सका और काम बहुत सुस्ती के साथ जारी है।

श्री बहराम क़ासिमी ने परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद यूरोप के व्यवहारिक क़दमों पर विदेशमंत्री के बल की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने शांति और स्थिरता की स्थापना, मादक पदार्थों से संघर्ष तथा व्यवस्थित अपराधों की रोकथाम के लिए निर्णायक और ठोस भूमिका अदा की है और परमाणु समझौते जेसीपीओए के अपने वचनों पर पूरी तरह अमल कर रहा है।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने बल दिया कि यूरोप ने बारम्बार कहा कि वह अमरीका की एकपक्षवादी नीतियों विरोधी हैं और क्षेत्र की शांति और स्थितरता में ईरान की सकारात्मक भूमिका के दृष्टिगत यूरोप को परमाणु समझौते में ईरान के हितों को पूरा करने की अपनी ज़िम्मेदारों पर अमल करे।

श्री बहराम क़ासिमी ने सीस्तान व ब्लोचिस्तान में हालिया आतंकी हमले और इस आतंकी हमले के बाद सऊदी क्राउन प्रिंस की पाकिस्तान यात्रा के बाद ईरान और पाकिस्तान के बीच सहयोग के बारे में कहा कि इस्लामाबाद से तेहरान के संपर्क विभिन्न चैनलों से जारी हैं और दोनों पक्षों ने पेश आई समस्याओं के समाधान के लिए कुछ सुझाव पेश किए हैं।

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने मुहम्मद बिन सलमान की पाकिस्तान यात्रा के बारे में कहा कि पड़ोसियों के विदेशी संबंध उनसे जुड़े हुए हैं और तेहरान को इससे कुछ लेना देना नहीं है किन्तु पड़ोसी देशों को ईरान के संबंधों को प्रभावित करेन के लिए कुछ लोगों की ओर से होने वाली कुछ शैतानी चालों पर ध्यान देना चाहिए

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