‘मंत्रिमंडल में मौका नहीं मिलने से मैं बिल्कुल दुखी नहीं हूं’ : हरीश राव

हैदराबाद : जैसा की पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थी, आखिर वैसा ही हुआ। पूर्व मंत्री और सिद्दिपेट विधायक हरीश राव को तेलंगाना मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। हरीश राव मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तारीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद मीडिया ने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये जाने का सवाल करते हुए हरीश राव को घेर लिया।

मीडिया के सवाल के जवाब में हरीश राव ने कहा, “मंत्रिमंडल में मौका नहीं मिलने से मैं बिल्कुल दुखी नहीं हूं।” इसी क्रम सिद्दिपेट विधायक ने मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज होने और पार्टी बदलने को लेकर सोशल मीडिया में आ रही टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया।

इसी क्रम में हरीश राव ने तेलंगाना मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले सभी मंत्रियों को बधाई दी। साथ ही सुझाव दिया कि तेलंगाना के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) के नेतृत्व में सभी मंत्री एकजुट होकर काम करें।

हरीश राव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री केसीआर जो भी जिम्मेदारी सौंपेंगे उसे मैं पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अनुशासन का पालन करते हुए काम करूंगा। इस संदर्भ में हरीश राव ने लोगों से आग्रह किया कि सोशल मीडिया में उनके खिलाफ आ रही अफवाहों पर ध्यान न दें।

रेवंत रेड्डी की सनसनीखेज टिप्पणी…

आपको बता दें कि तेलंगाना कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने सोमवार को तेलंगाना मंत्रिमंडल को लेकर सनसनीखेज बयान दिया था। रेवंत ने कहा था कि पूर्व मंत्री और सिद्दिपेट विधायक हरीश राव को मंत्रिमंडल में मौका नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं हरीश राव के साथ चार और वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के मंत्रिमंडल में केवल नाकाबिलों को मौका दिया जाएगा। इसके अलावा रेवंत ने टीआरएस पर अनेक प्रकार के गंभीर आरोप भी लगाये।

कार्यकारी अध्यक्ष ने आगे कहा, “मिड मानेरु, गोरेल्ली और तोटपल्ली परियोजनाओं के कामों में लगभग एक हजार करोड़ रुपये लिया गया है। केसीआर ने अपने बेनामी को ठेका दिया है। हरीश राव ने इस रकम को केसीआर को बिना बताये ही चुनाव को दौरान बांट दिये। हाल ही संपन्न तेलंगाना विधानसभा चुनाव में 26 लोगों में इस रकम को बांट दिया है।”

रेवंत ने कहा, “कुछ कांग्रेस वालों को भी रकम देने की हरीश राव ने कोशिश की है। मगर कांग्रेस वालों इस रकम को नहीं लिया है। इसी बीच हरीश राव ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत की। इसी बीच केसीआर को इस बातचीत का पता चल गया। इसीलिए अब हरीश राव को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा है। यदि हरीश राव कुछ बगावत पर उतर आते है तो पासपोर्ट मामले में उसे फंसाने को भी केसीआर तैयार है।”

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