विश्व में आतंकवादी प्रकरण के पीछे अमेरिका हैः संसद सभापति

समाचार एजेन्सी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार अली लारीजानी ने चीन में रेनमिन विश्वविद्याल के उस्तादों, छात्रों और प्रोफेसरों के मध्य बोलते हुए कहा कि विश्व में आतंकवादी प्रकरण के पीछे अमेरिका है और वर्षों से अफगानिस्तान, इराक और सीरिया और दूसरे देशों को असुरक्षा का सामना है।

उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है और वह राष्ट्रों द्वारा अपने भविष्य के निर्धारण के अधिकार का समर्थन करता है।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि सीरिया और इराक में ईरान ने जो आतंकवादियों का मुकाबला किया है तो  ईरान ने इन देशों के आह्वान पर एसा किया है परंतु अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और अतिवाद का समर्थन करने जैसे विभिन्न बहानों से अमेरिका ने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी सरकारों को गिराने और वहां अपने दृष्टिगत सरकारों को लाने का प्रयास किया है।

साथ ही उन्होंने बल देकर कहा कि जायोनी शासन पश्चिम एशिया में अशांति उत्पन्न करने की चेष्टा में है और बल देकर कहा कि जायोनी “डील आफ द सिन्चुरी” नामक अमेरिका की झूठी बड़ी योजना के अंतर्गत  फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों को खत्म कर देना चाहते हैं।

संसद सभापति ने इसी प्रकार कहा कि ईरान परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के समझौतों व कानूनों के प्रति कटिबद्ध है और इस चीज़ को उसने अपने अमल से सिद्ध कर दिया है जबकि अमेरिका निराधार बहानों को आधार बना कर परमाणु समझौते पर अमल करने से भाग गया।

इसी प्रकार संसद सभापति ने ईरान और चीन के संबंधों को खराब करने हेतु दुश्मनों के षडयंत्रों व प्रयासों को अर्थहीन बताया और कहा कि ईरान और चीन के संबंध दो हज़ार साल पुराने हैं।

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