योगी को गिरफ़्तार करने वाले आईपीएस अधिकारी को योगी सरकार ने निलंबित कर दिया

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश पुलिस प्रवक्ता आरके गौतम ने इस बात की पुष्टि की है कि 1992 कैडर के आईपीएस अधिकारी जसवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

युवा वाहिनी के नाम से हिंदुत्ववादी संगठन का गठन करने वाले योगी के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें साम्प्रदायिक दंगे भड़काना, हत्या का प्रयास, घातक हथियारों से लैस होना, क़ब्रिस्तान पर अतिक्रमण का प्रयास करना और आपराधिक धमकी देना शामिल है।

योदी के आपराधिक मामलों के तहत 2002 और 2007 में गिरफ्तार किया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक़ जसवीर सिंह अपर पुलिस महानिदेशक (रूल्स एंड मैनुअल) पद पर तैनात थे। उन्हें 14 फरवरी को निलंबित किया गया।

सिंह ने 30 जनरवी को हफ़िंगटन पोस्ट से बात करते हुए कहा था कि योगी आदित्यनाथ को गिरफ्तार करने के कारण उन्हें नज़र अंदाज़ किया जा रहा है।

प्रमुख गृह सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि इंटरव्यू में विवादास्पद बयान देने और चार फ़रवरी से ड्यूटी से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण सिंह को उनके पद से हटाया गया है।

महराजगंज का एसपी रहते हुए जसवीर सिंह ने वर्तमान योगी आदित्यनाथ को रासुका के तहत गिरफ्तार किया था।

सिंह अपने इंटरव्यू में यह भी कहा था कि वे राजनीतिक व्यक्तियों के प्रति वफ़ादारी चाहते हैं। यह पूरी तरह असंवैधानिक है। अगर हम विरोध नहीं करते हैं, तो चीज़ें बदलेंगी नहीं। विरोध करना सबसे अधिक पुरस्कृत करने वाली बात है

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