आतंकवाद के समर्थन के बारे में ईरान के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के निराधार दावे

आदिल अलजुबैर ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के साथ एक संयुक्त पत्रकार सम्मेलन में दावा किया कि ईरान आतंकियों का समर्थन कर रहा है। उन्होंने एेसी स्थिति में ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाया है कि जब ईरान में हुए आतंकी हमलों में रियाज़ समर्थित गुटों की मुख्य भूमिका है। अलजुबैर का यह बयान, जो ज़ाहेदान की आतंकी घटना के बाद सामने आया है जिसमें आईआरजीसी के 28 जवान शहीद हुए थे, अपराधियों के समर्थन में रियाज़ की भूमिका पर पर्दा डालने के उद्देश्य से सामने आया है।

क्षेत्र में सऊदी अरब समर्थित आतंकी गुटों की गतिविधियां, सभी क्षेत्रीय देशों के लिए गंभीर ख़तरा हैं। इसके चलते पाकिस्तान समेत क्षेत्र के कई देश बदनाम हो रहे हैं। इस आधार पर रियाज़ की ओर से आतंकियों के समर्थन का विषय, ईरान की आंतरिक सुरक्षा से भी आगे की बात है और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा दांव पर है। सऊदी अरब की नीतियों से पता चलता है कि वह विश्व स्तर पर एक नई और ख़तरनाक रणनीति को अस्तित्व प्रदान कर रहा है। मानवाधिकार संगठन, मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन और युद्ध भड़काने के कारण कई बार सऊदी सरकार की कड़ी निंदा कर चुके हैं। इस प्रकार का अतीत रखने वाला सऊदी अरब अगर ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाता है तो इसे सच्चाई को पलट कर दिखाने की उसकी विफल कोशिश ही कहा जाएगा।

इस्लामी गणतंत्र ईरान पिछले चालीस वर्षों में आतंकवाद और चरमपंथ की मुख्य क़ुरबानियों में से एक रहा है और उसने इससे मुक़ाबले में अत्यधिक भौतिक व मानवीय क़ीमत चुकाई है। अलबत्ता सऊदी अरब के अधिकारियों को इस बात की आदत पड़ चुकी है कि निरंतर ईरान पर निराधार आरोप लगाते रहें। इस प्रकार के आरोपों के संबंध में ईरान का जवाब भी स्पष्ट है।

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